
Vincent van Gogh · Vincent van Gogh - Starry Night - Google Art Project.jpg · Wikimedia Commons
Apr 2022
मालूम है मुझे कि कल तुम आओगे ,
कल, मुझे वापिस सिखाओगे,
कि वक़्त क्यूँ मजबूत है, और कमजोर भी,
सिखाओगे, कि दूरी,
क्यूँ मुश्किल है, और खूबसूरत भी,
सिखाओगे,
कि हिम्मत, और उम्मीद, दोनों,
क्यूँ डर से निकलते,और उससे ही जीतते हैं,
मालूम है मुझे कि कल तुम आओगे ,
आते ही मुझसे लिपट कर,
तुम याद दिलाओगे,
कि क्यूँ मैं खुद से अब तक हारा नहीं,
क्यूँ, बेइंतहा इन्तेज़ार ने ही मुझे हर,
आने वाले कल का इन्तेज़ार कराया है,
क्यूँ, हजार रास्ते सामने होकर भी,
मैंने वही रास्ता चुना,
जिसमें मेरे बंजारे मन का भी
रुकने का दिल हो,
मालूम है मुझे कि कल तुम आओगे,
और आने की तारिख के साथ,
जाने का वक़्त भी लेकर आओगे,
आदत तो तुम्हारी वैसे भी है मुझे,
लेकिन डर है कि जो नशा तुम्हारी
साँसों का हवा में होने से होता है,
उसकी आदत न हो जाए,
मालूम है मुझे कि कल तुम आओगे,
तेज बारिश की तरह,
जो पल में आकर,
फिर चली जाती है,
जाने का गिला मत करना,
तुम्हारे आने की खुशबू सी कोई और खुशबू नही,
और तुम्हारे जाने के बाद भी,
जिंदगी को नई जिंदगी मिलती है,
मालूम है मुझे कि कल तुम आओगे,
जल्दी आना।